मध्य प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र

मध्य प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र

मध्य प्रदेश, जो कि देश के केंद्रीय हिस्से में स्थित एक कृषि प्रधान राज्य है, वहाँ सिंचाई क्षेत्र का विस्तार कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और योजनाबद्ध विकास के परिणामस्वरूप सिंचाई क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है।
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कृषि योग्य भूमि और सिंचाई का विस्तार

राज्य में कुल 155.25 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि उपलब्ध है। इस विशाल क्षेत्र में अधिकतम हिस्से को सिंचाई के दायरे में लाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
  • वर्ष 2022-23 में, वृहद, मध्यम एवं लघु सिंचाई योजनाओं के माध्यम से 3499 हजार हेक्टेयर (34.99 लाख हेक्टेयर) भूमि में सिंचाई की सुविधा विकसित की गई।
  • नवंबर 2020 (खरीफ) तक, इन परियोजनाओं से 256 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई का उपयोग हो चुका था।

दीर्घकालीन सिंचाई लक्ष्य और योजनाएँ

  • दिसंबर 2020 तक, जल संसाधन विभाग द्वारा 34.55 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता वाला क्षेत्र विकसित किया जा चुका है।
  • सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2025 तक यह क्षमता बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाई जाए।
  • इसमें जल संसाधन विभाग द्वारा 45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यह विकास योजनाएँ न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाएँगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन को भी सशक्त बनाएँगी।
मध्य प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र का विस्तार एक सशक्त और योजनाबद्ध प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य राज्य की कृषि क्षमता को अधिकतम करना है। सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों और लक्ष्य आधारित दृष्टिकोण के चलते आने वाले वर्षों में राज्य के अधिकांश कृषि क्षेत्र सिंचित दायरे में लाए जा सकेंगे, जिससे किसानों को स्थायी लाभ मिलेगा।
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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

प्रतियोगी परीक्षाओं के मार्गदर्शक Kartik Budholiya को मध्य प्रदेश की प्रशासनिक और सांस्कृतिक व्यवस्थाओं का गहन अनुभव है। वे MPPSC और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए सटीक विश्लेषण और प्रमाणिक अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं।