मध्य प्रदेश वन नीति
मध्य प्रदेश वन नीति: ऐतिहासिक विकास
| महत्वपूर्ण तथ्य (Key Facts) | संक्षिप्त विवरण (Description) |
|---|---|
| प्रथम क्रियान्वयन राज्य | मध्य प्रदेश भारत का प्रथम राज्य है जहाँ 1894 की ब्रिटिशकालीन वन नीति का क्रियान्वयन शुरू हुआ। |
| नवीन वन नीति की आवश्यकता | आधुनिक समय की मांग और वनों पर आश्रित समुदायों के विकास को देखते हुए 2005 में नई नीति लागू की गई। |
नई वन नीति (2005) के 6 प्रमुख उद्देश्य
वनाश्रित परिवारों के लिए वन आधारित वैकल्पिक रोजगार की सतत उपलब्धता के अवसर सृजित करना।
सीमाओं के लंबित विवादों का निराकरण करते हुए वन क्षेत्रों का व्यवस्थापन व सीमांकन पूर्ण करना।
अतिक्रमित क्षेत्रों को शीघ्र सीमांकित करना तथा भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए प्रभावी उपाय करना।
राज्य के वन ग्रामों (Forest Villages) को राजस्व ग्रामों (Revenue Villages) में परिवर्तित करने की कार्यवाही पूर्ण करना।
वनों की सुरक्षा प्रणाली को अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए संचार सुविधाओं का विस्तार करना।
संवेदनशील क्षेत्रों (Sensitive Areas) में वनों की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा बलों की व्यवस्था सुनिश्चित करना।
- वनाश्रित परिवारों हेतु वन आधारित वैकल्पिक रोजगार की सतत उपलब्धता के अवसर सृजित करना।
- सीमाओं के समस्त लंबित विवादों का निराकरण करते हुए वन क्षेत्रों का व्यवस्थापन करना तथा वन खण्डों का सीमांकन पूर्ण करना।
- वर्तमान में व्यवस्थापित अतिक्रमित क्षेत्रों को शीघ्रातिशीघ्र सीमांकित करना तथा भविष्य में अतिक्रमण को रोकने के प्रभावी उपाय करना।
- वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की कार्यवाही पूर्ण करना।
- वन सुरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए संचार सुविधाओं का विस्तार करना।
- संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा बलों की व्यवस्था सुदृढ़ करना।

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