मालवा का पठार (मध्य प्रदेश)

मालवा का पठार (Malwa Plateau)

मालवा पठार में शुष्क महाद्वीपीय जलवायु के लक्षण पाये जाते हैं। यहाँ समशीतोष्ण जलवायु पाई जाती है। इस क्षेत्र में अधिकांश वर्षा अरब सागर की मुम्बई शाखा द्वारा प्राप्त होती है। मुम्बई के उत्तर में स्थित पहाड़ियों एवं गुजरात के दक्षिणी भागों में वर्षा होती है।
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जब ये मानसूनी पवनें ऊँचाई से नीचे की ओर आती हैं। और आगे बढ़ती हैं तो इनका तापमान बढ़ जाता है और आर्द्रता कम हो जाती है। इसके फलस्वरूप मध्य प्रदेश के पश्चिम एवं उत्तर-पश्चिम क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा 50 से 75 सेमी. तक होती है।
मालवा पठार के पूर्वी भागों में बंगाल की खाड़ी द्वारा अधिक तथा पश्चिमी भागों में कम वर्षा होती है।
इस क्षेत्र में ग्रीष्म ऋतु में तापमान 42° सेल्सियस तक तथा शीत ऋतु में तापमान 20° सेल्सियस तक रहता है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर की शाखा को तीन भागों में विभाजित किया गया है-
  • पश्चिमी घाट (केरल और कर्नाटक) में प्रवाहित होने वाली केरल की शाखा।
  • मुम्बई के उत्तरी भागों से मध्य प्रदेश के पश्चिमी भागों की ओर प्रवाहित होनी वाली मुम्बई शाखा।
  • सौराष्ट्र प्रायद्वीप और कच्छ की खाड़ी से टकराकर अरावली पर्वत के सामान्तर प्रवाहित होती हुई गुजरात की शाखा।

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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

प्रतियोगी परीक्षाओं के मार्गदर्शक Kartik Budholiya को मध्य प्रदेश की प्रशासनिक और सांस्कृतिक व्यवस्थाओं का गहन अनुभव है। वे MPPSC और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए सटीक विश्लेषण और प्रमाणिक अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं।