विन्ध्य पर्वत श्रृंखला (मध्य प्रदेश)

विन्ध्य पर्वत श्रृंखला

इस लेख में विन्ध्य पर्वत श्रृंखला के पर्वतीय क्षेत्र की जलवायु संबंधी विशेषताओं का वर्णन किया गया है। इसमें औसत वार्षिक वर्षा, ग्रीष्म व शीत ऋतु के तापमान, मानसूनी प्रभाव तथा पश्चिमी व पूर्वी क्षेत्रों में वर्षा की भिन्नता से संबंधित जानकारी दी गई है। लेख में यह भी बताया गया है कि इस क्षेत्र में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों की मानसूनी शाखाएं वर्षा लाने में योगदान देती हैं, तथा पूर्वी भागों में चक्रवातीय वर्षा का भी प्रभाव पड़ता है।
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विन्ध्य पर्वतीय क्षेत्र में औसत वार्षिक वर्षा 50 से 100 सेमी. के मध्य होती है। इस क्षेत्र की जलवायु में ग्रीष्म ऋतु के दौरान तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है, जबकि जनवरी माह में औसत तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। इसके कारण शीत ऋतु में अत्यधिक ठण्ड तथा ग्रीष्म ऋतु में तीव्र गर्मी का अनुभव होता है।
इस पर्वतीय क्षेत्र में वर्षा का स्रोत अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी से आने वाली दोनों मानसूनी शाखाएँ हैं। वर्षा की मात्रा में क्षेत्रीय भिन्नता पाई जाती है- जहाँ पश्चिमी भागों की तुलना में पूर्वी क्षेत्रों में अधिक वर्षा होती है। इसका एक प्रमुख कारण यह है कि पूर्वी भागों में चक्रवातीय वर्षा का भी प्रभाव देखने को मिलता है।

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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

प्रतियोगी परीक्षाओं के मार्गदर्शक Kartik Budholiya को मध्य प्रदेश की प्रशासनिक और सांस्कृतिक व्यवस्थाओं का गहन अनुभव है। वे MPPSC और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए सटीक विश्लेषण और प्रमाणिक अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं।